GOI-केंद्र सरकार की रिपोर्ट में मध्यप्रदेश नागरिक संतुष्टि में देश में दूसरे और शिकायतों के समाधान में सातवें स्थान पर
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर राज्य के प्रशासनिक अमले से कहा है की ऐसे प्रयास करें की आगामी दिनों में देश के पहले राज्य पर पहुंचे

एमपीपोस्ट, भोपाल, 21, अगस्त 2026 । भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) ने CPGRAMS (Centralised Public Grievance Redress and Monitoring System) की 47वीं मासिक रिपोर्ट जारी की है जो राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के जून 2026 के प्रदर्शन को दर्शाती है। रिपोर्ट के अनुसार जून 2026 में 96,190 शिकायतें प्राप्त हुईं जिनमें से 93,170 का निपटारा किया गया। 30 जून 2026 तक कुल 2,16,032 मामले लंबित थीं जो दिसंबर 2025 की तुलना में 26% की वृद्धि दर्शाता है।
एमपीपोस्ट को मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार जून 2026 में फीडबैक कॉल सेंटर से कुल 75,318 फीडबैक प्राप्त हुए जिनमें से 33,092 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों से थे। कुल 14,979 शिकायतें हल मानी गईं जो 45% की समाधान दर दर्शाता है। इनमें से 70% नागरिकों ने संतोष व्यक्त किया।मध्यप्रदेश ने 78% नागरिक संतुष्टि दर के साथ दूसरा स्थान प्राप्त पर कर देश का अग्रणीय राज्य बना। शिकायतों के समाधान में 7वां, नागरिक संतुष्टि में देश में नंबर-2 पर CPGRAMS रिपोर्ट में एमपी का डबल परफॉर्मेंस सामने आया है । केंद्र की रिपोर्ट में मध्यप्रदेश की प्रशासनिक कार्य संस्कृति और दक्षता का बेहतर प्रदर्शन।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा की यह हमारे राज्य की कार्य संस्कृति और प्रशासनिक दक्षता के बलबूते हुआ है।
उन्होंने कहा की देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्ग दर्शन में हम आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर राज्य के प्रशासनिक अमले को बधाई दी है और कहा है की ऐसे प्रयास करें की आगामी दिनों में देश के पहले राज्य पर पहुंचे।
केंद्र सरकार का प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग, भारत सरकार की वह नोडल एजेंसी है जो प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ राज्यों और विशेष रूप से केंद्र सरकार की एजेंसियों से जुड़ी आम लोगों की शिकायतों के समाधान के साथ गुड गवर्नेंस के सफल तौर-तरीकों को रिकॉर्ड करने और उन तक पहुँच बढ़ाने के लिए कार्य करता है।
रिपोर्ट के अनुसार जून में शिकायतों के निपटारे के मामले में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर रहा। उत्तर प्रदेश ने महीने में 31,460 शिकायतों का निपटारा किया। इसके बाद महाराष्ट्र 7,619, हरियाणा 7,183, गुजरात 6,390 और दिल्ली 6,076 शिकायतों के निपटारे के साथ शीर्ष पांच में रहे।
मध्यप्रदेश जून 2026 में शिकायतों के निपटारे के मामले में सातवें स्थान पर रहा। प्रदेश में महीने के दौरान 5,083 नई शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि कुल 4,703 शिकायतों का निपटारा किया गया। महीने के अंत में मध्यप्रदेश में 11,851 शिकायतें लंबित थीं। मध्यप्रदेश में जून के दौरान 5,083 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसके आधार पर सातवें स्थान पर रहा।
रिपोर्ट के जनवरी-जून 2026 के आंकड़ों के को देखें तो मध्यप्रदेश में इस छह महीने की अवधि में 24,717 नई शिकायतें प्राप्त हुईं। इसमें पहले से लंबित मामलों को मिलाकर कुल शिकायतों की संख्या 35,099 रही। इस अवधि में एमपी ने 23,248 शिकायतों का निपटारा किया और 30 जून 2026 तक 11,851 शिकायतें लंबित रहीं।
छह महीने की अवधि में लंबित शिकायतों के मामले में मध्यप्रदेश पांचवें स्थान पर रहा। DARPG की रिपोर्ट में 1 जनवरी से 30 जून 2026 के बीच 21 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों का भी आंकड़ा दिया गया है। इस श्रेणी में महाराष्ट्र 25,453 मामलों के साथ पहले स्थान पर है। मध्यप्रदेश में 8,807 शिकायतें 21 दिन से अधिक समय से लंबित थीं और इस आधार पर प्रदेश सातवें स्थान पर रहा।



