
बार्सिलोना की कंपनी सबमेर टेक्नोलॉजीस – Submer Technologies भी ‘एआई-रेडी’ (AI-ready) नेट-जीरो डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करेगा
सरमन नगेले – लंदन
जैसे-जैसे भारत सालाना $100 बिलियन का एफडीआई आकर्षित करने के अपने प्रयासों को तेज कर रहा है, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री दो मोहन यादव निरंतर वैश्विक निवेशकों को आकर्षित के लिए नए – नए जतन कर रहा है।
अब ग्लोबल इन्वेस्टमेंट का नया गेटवे मध्यप्रदेश इसलिए बन रहा है क्योंकि बड़ी कंपनियों के साथ -साथ एमएसएमई सेक्टर भी आकर्षित हो रहा है।
फ्रेंड्स ऑफ मध्यप्रदेश (FOMP) यूके, फिक्की (FICCI) यूरोप के साथ मिलकर एमपी के निर्यातकों, सरकार और यूके के अलावा एमपी के उन प्रवासी भारतीयों को जो एमएसएमई सेक्टर के क्षेत्र में से व्यापार कर रहे हैं मध्यप्रदेश में निवेश करने के लिए लामबंद कर रहा है। यह कहना है (FOMP) यूके के फाउंडर रोहित दीक्षित का ।
मध्यप्रदेश में 7,800 करोड़ का विदेशी निवेश वादों से निकलकर धरातल पर उतर रहा है।
हेलिओन (यूके) ने पीथमपुर, इंदौर में ₹3,000 करोड़ की यूनिट फार्मास्यूटिकल्स प्रारंभ कर दी है। मैक्केन फूड्स (कनाडा) – आगर मालवा, उज्जैन में ₹3,800 करोड़, खाद्य प्रसंस्करण , ट्रूएयर स्प्लिटवाटर्स (यूएसए), मोहासा, नर्मदापुरम में ₹500 करोड़ ,नवीकरणीय ऊर्जा, बू यंग शेइकोर्प (दक्षिण कोरिया) – ग्वालियर में ₹225 करोड़ ,लेदर और फुटवियर , एफीबार और क्लिनिसप्लाइज उज्जैन में ₹334 करोड़ ( संयुक्त) मेडिकल डिवाइस की यूनिट स्थापित करने के लिए मध्यप्रदेश शासन ने भूमि आवंटितकर दी है। यह कंपनियां निवेश करने की दिशा में बहुत आगे बढ़ चुकी हैं इनकी यूनिट जल्द ही मध्यप्रदेश में आकार लेगी।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का कहना है की “हमारा ध्यान कभी भी केवल दिखावे के लिए एमओयू (MoU) साइन करने पर नहीं रहा है। जब हम लंदन समेत अन्य देश गए थे तब हमने निवेशकों को भरोसा दिलाया था की हमारा ध्यान परियोजनाओं को धरातल पर उतारने पर है। यह वायदे का नतीजा है की ₹7,800 करोड़ का निवेश मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को मौलिक रूप से बदल देगा। एक निवेशक ने हमारे राज्य में एक विशिष्ट स्थान पर पूंजी लगाने की प्रतिबद्धता जताई है। वैश्विक कंपनियां किसी मजबूरी में नहीं बल्कि अपनी पसंद से मध्यप्रदेश को चुन रही हैं, और धारणा में आया यही बदलाव वह चीज है जिसे बनाने में इस सरकार कोई कसर नहीं छोड़ी।
हेलिओन (यूके) के सीईओ श्री ब्रायन मैकनमरा ने कहा कि यह हमारी भारत में पहली यूनिट है। हम मध्यप्रदेश आकर बेहद खुश है। भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और मध्यप्रदेश भारत का सबसे तेजी से उभरता हुआ राज्य है। उन्होंने कहा कि फिलहाल कंपनी ने मध्यप्रदेश में निवेश की प्रक्रिया प्रांरभ कर दी है। हम सेन्ट्रल इंडिया के लॉजिस्टिक हब मध्यप्रदेश (पीथमपुर) में अपनी यूनिट का और विस्तार करेंगे।
पिछले वर्ष बार्सिलोना (Barcelona) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव गए थे तब मध्यप्रदेश शासन (GoMP) और वैश्विक तकनीकी कंपनी सबमेर टेक्नोलॉजीज (Submer Technologies) के बीच राज्य को डिजिटल और पर्यावरण अनुकूल क्रांति के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए प्रदेश में 1 गीगावाट (1,000 मेगावाट) क्षमता का ‘एआई-रेडी’ (AI-ready) नेट-जीरो डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे।
इसके बाद, दिल्ली में आयोजित ‘एआई समिट’ (India AI Impact Summit 2026) के दौरान इसके लिए एलओआई (LOI) पर हस्ताक्षर किए गए। इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए, हाल ही में मध्यप्रदेश सरकार और सबमेर लीडरशिप टीम के बीच कई उच्च स्तरीय बैठकें हुईं जिनमें मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय और एमपीएसईडीसी (MPSEDC) वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इसी क्रम में (Follow-up) कदम के रूप में ‘एमपीऑनलाइन’ (MPOnline) के साथ भी एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। सबमेर के इंडिया हेड अनुपम श्रीवास्तव ने भोपाल के में भूमि का भी निरीक्षण हाल ही में कर लिया है।
सबमेर के प्रेसिडेंट, देव त्यागी, लंदन ने कहा की मध्यप्रदेश सरकार के साथ यह ऐतिहासिक समझौता भारत के डिजिटल भविष्य की दिशा तय करेगा। यह पहल ऊर्जा और जल संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए विश्वस्तरीय अवसर पैदा करेगी।
एमपीऑनलाइन लिमिटेड एक संयुक्त उपक्रम कंपनी है, जिसे मध्यप्रदेश शासन और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बीच स्थापित किया गया है ।
मध्यप्रदेश सरकार (GoMP) और वैश्विक तकनीकी कंपनी सबमेर टेक्नोलॉजीज (Submer Technologies) ने राज्य को डिजिटल और पर्यावरण अनुकूल क्रांति के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए एक सामियक और महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस रणनीतिक साझेदारी के तहत मध्यप्रदेश में 1 गीगावाट (1,000 मेगावाट) क्षमता का ‘एआई-रेडी’ (AI-ready) नेट-जीरो डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा