CETA – भारत-यूके CETA समझौते से मध्यप्रदेश के विकास को मिलेगी सुपर स्पीड

एमपी का ब्रिटेन तक व्यापार का नया अध्याय

“मध्यप्रदेश की नई उड़ान – फ्रेंड्स ऑफ एमपी के साथ”
वरिष्ठ पत्रकार सरमन नगेले की एक विशेष ग्राउंड-ज़ीरो रिपोर्ट की दूसरी क़िस्त

भारत-यूके CETA समझौते से मध्यप्रदेश के विकास को मिलेगी सुपर स्पीड
एमपी का ब्रिटेन तक व्यापार का नया अध्याय
सरमन नगेले: लंदन
यूके (ब्रिटेन) के बाजार में शून्य-शुल्क (Zero-Duty) पहुंच 15 जुलाई 2026 से प्रभावशील होने से मध्यप्रदेश के विकास को एक बड़ा उछाल मिलेगा, जिससे लंदन के साथ व्यापार का एक बिल्कुल नया अध्याय शुरू होगा। भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) और इसके साथ द्विपक्षीय अंशदान अभिसमय (DCC – डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन) के 15 जुलाई 2026 से लागू होने के साथ, मध्यप्रदेश सरकार और उद्योग जगत इन अत्यंत महत्वपूर्ण व्यापारिक अवसरों का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पहले ही दिन से, यूनाइटेड किंगडम भारत की 99% टैरिफ लाइनों पर सीमा शुल्क (टैरिफ) को समाप्त कर देगा, जिससे मध्यप्रदेश के कपड़ा, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, ऑटो-कंपोनेंट्स और खाद्य-प्रसंस्करण निर्यातकों को दुनिया के अग्रणी उपभोक्ता बाजारों में से एक में सीधे और शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी।
मध्यप्रदेश के विकास को गति देने और ब्रिटेन के साथ व्यापार में एक नया अध्याय लिखने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को व्यापक और प्रभावी नीतियां बनाने और उन्हें लागू करने की दिशा में प्रयासों को और तेज करना चाहिए।

CETA ने ठीक उन्हीं क्षेत्रों में यूके की पुरानी टैरिफ दीवारों को हटा दिया है जहाँ मध्यप्रदेश प्रतिस्पर्धा करता है। समझौता लागू होने की तारीख से ही, प्रमुख क्षेत्रों में यूके का आयात शुल्क घटकर कपड़ा और परिधान (टैक्सटाइल) – पहले 12% तक था, प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद (प्रोसेस्ड फ़ूड) – पहले 70% तक था, इंजीनियरिंग सामान और ऑटो कंपोनेंट – पहले 18% तक था, चमड़ा और फुटवियर – पहले 16% तक था, रसायन और फार्मास्यूटिकल्स – पहले 8% तक था, समुद्री उत्पाद (मरीन प्रोडक्ट्स) – पहले 21.5% तक था, अब शून्य हो जाएगा।
वस्तुओं के साथ-साथ, CETA भारतीय सेवा प्रदाताओं के लिए यूके के सभी 12 प्रमुख सेवा क्षेत्रों और 137 उप-क्षेत्रों को खोलता है- जिसमें आईटी और आईटी-सक्षम सेवाएं, पेशेवर व वित्तीय सेवाएं, इंजीनियरिंग और परामर्श शामिल हैं। इसके अलावा, DCC के तहत यूके में अस्थायी असाइनमेंट पर जाने वाले भारतीय पेशेवरों को दोहरे सामाजिक-सुरक्षा अंशदान का भुगतान करने से छूट दी गई है, जिसकी अवधि 3 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है। इससे 75,000 से अधिक पेशेवरों और 900 से अधिक कंपनियों को लाभ होने की उम्मीद है।
प्रवासी भारतीय विभाग की भूमिका: मध्यप्रदेश शासन का प्रवासी भारतीय विभाग मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास है, जो विश्व के विभिन्न भागों में बसे भारतीय प्रवासियों को एक साथ लाने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। विभाग ने विश्व के लगभग प्रत्येक देश में मध्यप्रदेश मूल के अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए देश-विशिष्ट चैप्टर बनाने की पहल की है।
‘फ्रेंड्स ऑफ मध्यप्रदेश’ (FOMP) यूके चैप्टर भी इसी पहल का एक मुख्य हिस्सा है। इसके अध्यक्ष (Chairman) और संरक्षक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हैं, जबकि लंदन के व्यवसायी और लंदन के पूर्व डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल इसके संरक्षक व संस्थापक (Patron & Founder) और रोहित दीक्षित इसके संस्थापक (Founder) हैं। फ्रेंड्स ऑफ मध्यप्रदेश (FOMP) यूके, फिक्की (FICCI) यूरोप के साथ मिलकर एमपी के निर्यातकों, सरकार और यूके-एमपी प्रवासी भारतीयों से इस टैरिफ लाभ को स्थायी व्यापार में बदलने का एक बड़ा आह्वान कर रहा है। टैरिफ (शुल्क) में कटौती एक अवसर है, न कि कोई सीधा भुगतान। इसका लाभ केवल उन्हीं निर्यातकों को मिल सकता है जो पूरी तरह तैयार हैं। FOMP यूके मध्यप्रदेश के उद्योग जगत के लीडर्स से 15 जुलाई से पहले और तुरंत बाद चार अलग-अलग मोर्चों पर सक्रिय कदम उठाने का आग्रह कर रहा है।

निर्यात-तैयार क्लस्टर्स: इंदौर, उज्जैन, बुरहानपुर और भोपाल में राज्य का कपड़ा और परिधान क्षेत्र एक मजबूत कपास आधार पर टिका हुआ है और इसे राज्य की कपड़ा नीति के प्रोत्साहनों का पूरा समर्थन प्राप्त है। इसके अतिरिक्त, धार में निर्माणाधीन पीएम मित्रा (PM MITRA) मेगा-पार्क, एमपी के “फार्म टू फाइबर टू फैब्रिक टू फैशन टू फॉरेन” के मूल विज़न को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है।
FOMP यूके के संरक्षक व संस्थापक राजेश अग्रवाल (लंदन के पूर्व डिप्टी मेयर) और संस्थापक रोहित दीक्षित ने कहा:
“CETA 15 जुलाई से यूके में मध्यप्रदेश को वास्तव में एक समान अवसर (Level Playing Field) प्रदान कर रहा है। एमपी के निर्यातकों के लिए हमारा संदेश सीधा है: टैरिफ समाप्त हो चुका है; अब हम आपके लिए खरीदार खोजने में मदद करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
“फिक्की यूरोप के माध्यम से काम करते हुए, FOMP यूके का उद्देश्य यूके की तरफ के उन कार्यों को पूरा करना है जो एक व्यापार समझौते को वास्तविक व्यवसाय में बदलते हैं—जैसे मैचमेकिंग, वैलिडेशन और मोबिलाइजेशन (लामबंदी)।”

फ्रेंड्स ऑफ मध्यप्रदेश (FOMP) यूके के बारे में: यह संगठन (FOMP) मध्यप्रदेश और यूनाइटेड किंगडम के बीच व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए समर्पित है। फिक्की यूरोप के साथ साझेदारी में, FOMP यूके मध्यप्रदेश के निर्यातकों और एमएसएमई (MSMEs) को यूके के खरीदारों और निवेशकों के साथ जोड़ता है, साथ ही प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में मैचमेकिंग की सुविधा प्रदान करता है। यह संगठन आगामी ऐतिहासिक ‘भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027’ से पहले यूके-आधारित मध्यप्रदेश प्रवासियों को सक्रिय रूप से लामबंद करने में जुटा है।

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