
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पुस्तक ”ट्रेजर्स ऑफ ताप्ती वैली एण्ड बुरहानपुर” की प्रति, पूर्व मंत्री तथा बुरहानपुर विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने मंत्रालय में गत दिवस भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ताप्ती नदी घाटी और विशेष रूप से बुरहानपुर के इतिहास में गहराई से उतरती यह पुस्तक इतिहासकारों, पुरातत्वविदों, शोधार्थियों, पर्यटन एवं विरासत संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों तथा सामान्य पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी होगी। पुस्तक का प्रकाशन नई दिल्ली के इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट द्वारा किया गया है। पुस्तक के लेखक सुप्रसिद्ध पुरातत्वविद तथा विरासत संरक्षण और संग्रहालय विशेषज्ञ डॉ. ओम प्रकाश मिश्रा है।
पुस्तक में बुरहानपुर और ताप्ती नदी घाटी के इतिहास, पुरातत्व, संस्कृति और स्थापत्य विरासत का व्यापक एवं शोधपरक जानकारी है। बुरहानपुर के ऐतिहासिक विकास, यहाँ प्राप्त मुद्राओं (न्यूमिसमेटिक्स) तथा अभिलेखीय साक्ष्यों (एपिग्राफी) के माध्यम से पुस्तक में क्षेत्र के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक इतिहास का समग्र विश्लेषण है। बुरहानपुर की सूफी परंपरा, मंदिरों तथा अन्य धार्मिक स्थलों का भी इसमें विस्तार से वर्णन है, जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक सह-अस्तित्व की परंपरा को दर्शाता है।
पुस्तक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बुरहानपुर के शहरी स्वरूप, परकोटे, द्वारों, घाटों और सरायों पर केंद्रित है। पारंपरिक जल प्रबंधन प्रणाली ‘कुंडी भंडारा’ का अध्ययन यह दर्शाता है कि मध्यकालीन समाज किस प्रकार जल संसाधनों का वैज्ञानिक और सतत उपयोग करता था। सांस्कृतिक विरासत, फारूकी एवं मुगल कालीन स्मारकों तथा असीरगढ़ दुर्ग के विस्तृत विश्लेषण से यह पुस्तक, बुरहानपुर की ऐतिहासिक महत्ता को रेखांकित करती है।
पुस्तक के लेखक डॉ. मिश्रा भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत टैगोर नेशनल फेलो एवं टैगोर नेशनल स्कॉलर रहे हैं। प्रदेश के पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग में निदेशक के रूप में कार्य करते हुए डॉ. मिश्रा ने अनेक महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों पर व्यापक उत्खनन कार्यों का निर्देशन किया। वर्तमान में डॉ. मिश्रा मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड में पुरातत्व सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं।