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AI में अरबों का निवेश, लंदन टेक वीक में AI में क्रांति की गूंज, “AI ही अब कंप्यूटर है”

"AI ही अब कंप्यूटर है" "AI को लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित होना चाहिए" "हम UK को AI की ग्लोबल राजधानी बनाएंगे" "AI के फ़ायदे देश के हर कोने तक पहुंचाएंगे" "AI आर्थिक विकास का इंजन है" और लंदन टेक वीक में AI मानवता का संगम

AI में अरबों का निवेश, लंदन टेक वीक में AI में क्रांति की गूंज,

“AI ही अब कंप्यूटर है” “AI को लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित होना चाहिए” “हम UK को AI की ग्लोबल राजधानी बनाएंगे” “AI के फ़ायदे देश के हर कोने तक पहुंचाएंगे” “AI आर्थिक विकास का इंजन है” और लंदन टेक वीक में AI मानवता का संगम

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026, में विज़न रखा था की AI को पूरी तरह से ह्यूमन-सेंट्रिक रहते हुए ग्लोबल डेवलपमेंट को तेज करना चाहिए। AI for All, “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” वैसे ही विचार लंदन टेक वीक के मंच से भी कई स्पीकर ने रखे ।

लंदन से MPPOST के लिए वरिष्ठ पत्रकार और एमपीपोस्ट के संपादक सरमन नगेले की विशेष रिपोर्ट

लंदन: दुनिया के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी सम्मेलनों में से एक लंदन टेक वीक 2026 का आधिकारिक उद्घाटन 8 जून को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर ने किया। इस अवसर पर ब्रिटेन सरकार और वैश्विक तकनीकी दिग्गजों की ओर से एक के बाद एक ऐतिहासिक निवेश घोषणाएँ की गईं, जिन्होंने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया।

प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर ने कहा:

“यह यूरोप का निर्णायक तकनीकी दशक है और इसका नेतृत्व यूनाइटेड किंगडम करेगा।”

उन्होंने £400 मिलियन की राष्ट्रीय AI कंप्यूट रणनीति (National AI Compute Strategy) की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यूनाइटेड किंगडम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी तकनीकी अर्थव्यवस्था है और इस स्थान को बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

वर्ष 2026 में ब्रिटेन का तकनीकी क्षेत्र £1.2 ट्रिलियन तक पहुँच चुका है, जबकि AI स्टार्टअप्स ने वर्ष की पहली छमाही में £8.2 बिलियन की पूंजी जुटाई है, जो पूरे यूरोप में हुए तकनीकी निवेश का लगभग आधा है।

प्रधानमंत्री ने AMD के £2 बिलियन, Nebius के £1.7 बिलियन तथा लंदन के मेयर सादिक खान के £12 मिलियन SME AI सपोर्ट पैकेज जैसी निवेश घोषणाओं का स्वागत किया।

उनका संदेश बिल्कुल स्पष्ट था: “यह यूरोप का निर्णायक तकनीकी दशक है और इसका नेतृत्व यूनाइटेड किंगडम करेगा।”

Perplexity के सह-संस्थापक एवं CEO अरविंद श्रीनिवास: “AI अब कंप्यूटर है”

लंदन टेक वीक 2026 के उद्घाटन दिवस पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया के चार सबसे प्रभावशाली नाम – अरविंद श्रीनिवास, जॉर्ज ऑसबॉर्न, डैरन हार्डमैन और कनिष्क नारायण – ओलंपिया स्थित AI Arena मंच पर एक के बाद एक उपस्थित हुए और ऐसे विचार साझा किए जो आने वाले दशकों तक AI की दिशा निर्धारित कर सकते हैं।

Perplexity के सह-संस्थापक एवं CEO अरविंद श्रीनिवास का भाषण पूरे सत्र का सबसे चर्चित, सबसे गहन और सबसे दार्शनिक संबोधन माना गया।

उन्होंने दृढ़ता से कहा: “AI अब कंप्यूटर है।”

अरविंद श्रीनिवास आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र हैं।

डैरन हार्डमैन, CEO, Microsoft UK & Ireland: “हम UK को AI की वैश्विक राजधानी बनाएंगे”

डैरन हार्डमैन ने”Shaping the Future of Work and Opportunity in the UK” विषय पर अपना प्रस्तुतीकरण दिया।

उन्होंने “Frontier Firms” की अवधारणा प्रस्तुत की – ऐसी कंपनियाँ जो AI को गहराई से अपना रही हैं और पहले से ही काम करने के तरीकों में व्यापक परिवर्तन ला रही हैं।

उनका मुख्य संदेश था: “AI केवल उत्पादकता बढ़ाने का उपकरण नहीं है, बल्कि आर्थिक विकास का इंजन है।”

उन्होंने कहा कि Microsoft UK की प्रतिबद्धता ब्रिटेन को वैश्विक AI नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करने के लिए अटूट है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि जो देश AI अपनाने (AI Adoption) में सबसे आगे होगा, वही 21वीं सदी की आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरेगा।

जॉर्ज ऑसबॉर्न, मैनेजिंग डायरेक्टर, OpenAI: “AI लोकतांत्रिक मूल्यों पर बने”

OpenAI for Countries के प्रमुख और मैनेजिंग डायरेक्टर जॉर्ज ऑसबॉर्न ने इस बात पर विशेष बल दिया कि:

“AI लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित होना चाहिए।”उन्होंने कहा: “हम यह सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रहे हैं कि वैश्विक AI प्रणालियाँ लोकतांत्रिक मूल्यों पर निर्मित हों।” इस पहल के अंतर्गत अब तक दुनिया के 50 से अधिक देशों के साथ सहभागिता स्थापित की जा चुकी है।

उन्होंने आगे कहा कि AI अब केवल एक तकनीक नहीं रह गया है, बल्कि यह महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचा (Critical Infrastructure) बन चुका है। इसके विकास, शासन और तैनाती को लेकर आज लिए गए निर्णय आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति दोनों को प्रभावित करेंगे।

कनिष्क नारायण, UK AI मंत्री: “AI का लाभ देश के हर कोने तक पहुँचाएं”

विज्ञान, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी विभाग (Department for Science, Innovation and Technology), UK Government के अंतर्गत AI एवं ऑनलाइन सुरक्षा मंत्री कनिष्क नारायण ने ब्रिटेन की AI नीति और सरकार के दृष्टिकोण को स्पष्ट शब्दों में प्रस्तुत किया।

ब्रिटिश तकनीकी स्टार्टअप्स को सीधी चुनौती देते हुए उन्होंने कहा: “मैं ब्रिटेन के AI नेताओं को एक चुनौती दे रहा हूँ – स्टार्टअप्स का समर्थन करें, अवसरों को देश के हर कोने तक पहुँचाएँ और जोखिम उठाने का साहस दिखाएँ। इसी प्रकार हम AI का उपयोग मेहनतकश लोगों, अपनी अर्थव्यवस्था और ब्रिटिश मूल्यों की सेवा में कर पाएँगे।”

उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य का विकास केवल अभिजात वर्ग के लिए नहीं बनाया जा सकता।

पिछली तकनीकी क्रांतियों के विपरीत, AI की क्षमता कहीं अधिक व्यापक है। इसके अवसरों और लाभों को देश के प्रत्येक क्षेत्र और समुदाय तक पहुँचाया जा सकता है — और पहुँचाया जाना चाहिए। कनिष्क नारायण मूल रूप से बिहार, भारत से हैं।

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026, में विज़न रखा था की AI को पूरी तरह से ह्यूमन-सेंट्रिक रहते हुए ग्लोबल डेवलपमेंट को तेज करना चाहिए। AI for All, “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” वैसे ही विचार लंदन टेक वीक के मंच से भी कई स्पीकर ने रखे ।

लंदन टेक वीक 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल भविष्य की तकनीक नहीं है, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था, शासन व्यवस्था, नवाचार और समाज को परिभाषित करने वाली एक निर्णायक शक्ति बनती जा रही है।

ओलंपिया लंदन में वैश्विक संगम ओलंपिया लंदन में आयोजित यह तीन दिवसीय मेगा सम्मेलन, जिसे विश्लेषक “यूरोप का निर्णायक तकनीकी दशक”

करार दे रहे हैं, ने दुनिया भर के तकनीकी और राजनीतिक नेताओं, नवोन्मेषकों, वैज्ञानिकों तथा निवेशकों को एक ही मंच पर एकत्रित किया।

सम्मेलन की प्रमुख विशेषताएँ रहीं : 130 देशों की भागीदारी 600 से अधिक वक्ता (Speakers) 30,000 से अधिक प्रतिभागी (Attendees)
भारत से भी बेहतर भागीदारी रही।

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