Sant-Ravidas-संत रविदास ने दिया धर्म के साथ कर्म को महत्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संत शिरोमणि गुरू रविदास जी ने अपने जीवन में धर्म के साथ कर्म को भी प्रधानता दी। उनके उपदेश आज भी समाज का मार्गदर्शन करते हैं। मध्यप्रदेश सरकार समाज की पथ-प्रदर्शक विभूतियों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे जल्दी ही रायसेन पहुंचकर संत रविदास की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा रायसेन में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की मूर्ति स्थापना समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में देश में समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत विकास शिविर, यात्राएं गत जुलाई से आयोजित की जा रही हैं, जो आगामी फरवरी माह तक चलेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवा, महिला, गरीब, किसान वर्ग के कल्याण के साथ ही सामाजिक समरसता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संतों ने सदैव समाज को बहुमूल्य मार्गदर्शन दिया है। संत रविदास जी के शब्द थे – ‘ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न। छोट-बड़ो सब सम बसे, रविदास रहे प्रसन्न।’ इसके साथ ही ‘प्रभु जी तुम चंदन हम पानी जाकि अंग अंग बास सामानी’ के माध्यम से भक्त और भगवान के घनिष्ठ संबंध की ओर इंगित किया है। संत रविदास का मानना था कि प्रभु आप चंदन हैं और मैं पानी हूं। जिस प्रकार पानी में चंदन मिलने से पानी के प्रत्येक अंग में चंदन की महक शामिल हो जाती है। उसी तरह आपकी भक्ति से मेरा अंग-अंग पावन और आनंदित हो गया है। यह ईश्वर की प्रति अगाध प्रेम और आत्मीयता का प्रमाण है। इसी तरह ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ की कहावत भी संत रविदास ने दी। इसकामध्यप्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है।

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