
AI इंसानियत की नई भाषा है, AI से दवाएं बनाने, बेघरपन रोकने, यूके के सबसे बड़े स्टार्टअप मुकाबले के साथ Space और Robotics का भविष्य भी लंदन टेक वीक मंच पर उतरा
लंदन, 10 जून 2026 | सरमन नगेले
लंदन टेक वीक 2026 का समापन दिन 10 जून, भावनात्मक, मानवीय और सबसे ऐतिहासिक दिन तब बन गया । जब एक तरफ AI से दवाएं बनाने की क्रांति थी, दूसरी तरफ बेघरपन रोकने के लिए डेटा का इस्तेमाल। यूके के सबसे बड़े स्टार्टअप मुकाबले का जहाँ फाइनल था वहीँ Space और Robotics का भविष्य भी मंच पर उतरा।
प्रिंस विलियम ने बताया “बेघरपन रोकना अब संभव है – AI की मदद से”
प्रिंस विलियम ने लंदन टेक वीक में पहली बार उपस्थित होकर एक ऐसा संदेश दिया जिसने पूरे हॉल को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया। उन्होंने कहा – “जितनी जल्दी आप किसी समस्या से निपटते हैं, उतना बेहतर होता है। जीवन में हम सब यह जानते हैं। बेघरपन को ठीक करने का कोई एक उपाय नहीं है – यह बहुआयामी है।”
उन्होंने कहा कि AI को बेघरपन की पहचान जल्दी करने और जब कोई व्यक्ति घर खोने के कगार पर हो तो उसे समय पर सहायता देने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
श्री विलियम ने उपस्थित टेक लीडर्स को सीधे संबोधित करते हुए कहा – “आपके कई ग्राहक, आपके क्लाइंट – बैंकिंग ऐप्स, अपने फोन के ज़रिए डेटा का उपयोग कर रहे हैं। मुझे नहीं लगता आपको पता है कि यह डेटा बेघरपन की संभावित समस्याओं को उनके वास्तव में उभरने से पहले पूर्वानुमान लगाने और देखने के लिए कितना उपयोगी हो सकता है।”
इसी दिन UK का पहला Homelessness Data Lab आधिकारिक रूप से लॉन्च भी हुआ जिसे Homewards ने LandAid और Salesforce के साथ साझेदारी में बनाया। इस अवसर पर Zahra Bahrololoumi ने कहा — “Lab अब डेटा पर छोटे-छोटे प्रयोग और परीक्षण चलाएगा। अगर हम बेघरपन को पूर्वानुमान योग्य बना सकते हैं तो हम इसे रोक सकते हैं।
Max Jaderberg – President, Isomorphic Labs ने कहा “AI से दवाओं का विकास महीनों में – जो पहले 20 साल लेता था”
Max Jaderberg ने बताया कि AI किस प्रकार फार्मास्यूटिकल अनुसंधान को क्रांतिकारी रूप से बदल रहा है। उन्होंने कहा – “एक बड़ी Pharma कंपनी इस पर 20 साल काम करेगी, लेकिन हमारे मॉडलों का उपयोग करके हम कुछ ही महीनों में नए आणविक पदार्थ डिज़ाइन करना शुरू कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि शोध के वर्षों को महीनों में समेटने की यह क्षमता फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग और प्रयोगशाला इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़े निहितार्थ रखती है।
Isomorphic Labs — Google DeepMind से निकली कंपनी – ने फरवरी 2025 में वह मॉडल जारी किया था जिसे वैज्ञानिकों ने “AlphaFold 4” कहा, जो नोबेल पुरस्कार विजेता protein structure prediction पर आधारित है।
OnetoWin Final — UK का सबसे बड़ा स्टार्टअप मुकाबला भी संपन्न हुआ
Tech Nation OnetoWin के फाइनल में UK भर के 10 टेक स्टार्टअप मंच पर आए। Cutting-edge AI से लेकर pioneering climate tech तक – हर UK क्षेत्र के फलते-फूलते टेक इकोसिस्टम का प्रतिनिधित्व हुआ। एक investor-led चर्चा में HSBC Innovation Banking UK के Glen Waters ने कहा कि AI breakthroughs से लेकर climate innovation तक – UK startup success की अगली लहर को परिभाषित करने वाली emerging technologies पर निवेशक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
Manchester, Edinburgh, Bristol और अन्य शहरों के टेक इकोसिस्टम पर वक्ताओं ने कहा कि UK का distributed innovation landscape ही उसका सबसे बड़ा competitive advantage है।
Deep Tech Stage — Space, Robotics और भविष्य की तकनीक
Deep Tech Stage पर अंतरिक्ष, रोबोटिक्स, सामग्री विज्ञान, जीवन विज्ञान और क्वांटम कंप्यूटिंग में सबसे रोमांचक breakthrough पर विमर्श हुआ। Exotic India Art
Dr. Meganne Christian — UK Space Agency की Astronaut Reserve और Senior Exploration Manager — ने अंतरिक्ष तकनीक में UK के भविष्य पर अपना विज़न रखा। Luke Hares (Co-Founder, CMR Surgical) ने surgical robotics में AI की भूमिका पर बात की। Dr. Liz Dennett (Founder, Endolith) ने deep tech innovations प्रस्तुत किए।
Homewards के तहत एक pitch session में Crisis charity के Venture Studio और छह Homewards स्थानों से पाँच उद्यमियों ने ऐसे तकनीकी नवाचार प्रस्तुत किए जो बेघरपन को रोकने के लिए डेटा और तकनीक का उपयोग करते हैं।
लंदन टेक वीक 2026 में भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथाओं से संबंधित एक बहुत बड़ी घोषणा Eros Innovation द्वारा की गई थी। उन्होंने £265 मिलियन (लगभग ₹3,000 करोड़) के निवेश के साथ ‘Eros Brahmand’ नामक एक पौराणिक सिनेमाई ब्रह्मांड का अनावरण किया, जिसमें भारतीय पौराणिक कथाओं और लोककथाओं को आधुनिक सिनेमाई दृष्टिकोण से फिर से परिभाषित किया जाएगा। इसके तहत ‘महाभारत 5000 A.D.’, ‘नंदी – वॉर ऑफ कैलाश’ और ‘गरुड़’ जैसे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
लंदन टेक वीक में राजेश नाम्बियार President, Nasscom ने कहा कि भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स एआई, मोबिलिटी और डिसीजन इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में ऐसी तकनीकें बना रहे हैं जो वैश्विक चुनौतियों का समाधान करती हैं, ये स्टार्टअप्स भारत-यूके नवाचार साझेदारी के अगले दशक का आधार बनेंगे। लंदन टेक वीक में इंडिया से आये कई टेक एक्सपर्ट ने अपने -अपने सेशन को संबोधित किया।
भारत से लंदन टेक वीक में शामिल हुए लगभग 350 से अधिक डेलीगेट के स्टार्टअप्स एजेंटिक AI (Agentic AI), एंटरप्राइज इंटेलिजेंस, ऑपरेशंस ऑटोमेशन और वियरेबल AI जैसे उन्नत क्षेत्रों पर केंद्रित थे।
तीन दिन – एक नज़र में
दिन प्रमुख घटना मुख्य संदेश 8 जून PM उद्घाटन + £400M AI Compute यूरोप का निर्णायक दशक शुरू 9 जून Liz Kendall का £1.1B AI Hardware PlanBritain AI की दौड़ जीतेगा,10 जून प्रिंस विलियम OnetoWin Final AI इंसानियत की सेवा करेगा
समापन टिप्पणी — Carolyn Dawson OBE
Founders Forum Group की CEO Carolyn Dawson OBE ने समापन सत्र में कहा – “लंदन टेक वीक 2026 ने यह साबित किया कि तकनीक केवल व्यापार का साधन नहीं — यह समाज को बदलने का माध्यम है। प्रिंस विलियम का बेघरपन पर भाषण और Max Jaderberg का दवाओं पर प्रेजेंटेशन – दोनों ने मिलकर एक संदेश दिया: AI का असली मकसद इंसानी जीवन को बेहतर बनाना है।”
लंदन टेक वीक 2026 — 8 से 10 जून — तीन दिन, 130 देश, 30,000 से अधिक अटेंडीज़, 600 से अधिक स्पीकर, अरबों पाउंड का निवेश और एक अटूट संदेश — “AI अब केवल तकनीक नहीं, यह इंसानियत की नई भाषा है।”