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मोदी की मुहिम देश की महिलायें ड्रोन ड्राइव करें, महिला स्वयं सहायता समूहों को जल्द मिलेंगे 15,000 ड्रोन
प्रधानमंत्री 31 मई को भोपाल में ड्रोन दीदी, लखपति दीदी, कैफ़े दीदी, किसान उत्पादक संगठनों की संचालक से करेंगे संवाद
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा मध्यप्रदेश के (एसएचजी) को ज्यादा से ज्यादा ड्रोन मिलें
भोपाल, 27 मई , 2025 ,( एमपीपोस्ट ) । भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल पर 1261 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ मध्यप्रदेश सहित देश के महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को 15,000 ड्रोन उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का मिशन है देश की महिलायें ड्रोन ड्राइव करते हुए इस सेक्टर में अपना परचम फहरायें और स्वरोजगार भी करें।
इस योजना के तहत 2023-24 से 2025-2026 की अवधि के दौरान चरणबद्ध तरीके से 15,000 चयनित महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि उद्देश्य के लिए किसानों को किराये की सेवाएं प्रदान करने के लिए ड्रोन उपलब्ध कराना है।
ड्रोन उपलब्ध कराने के लिए दीनदयाल अंत्योदय योजना (डीएवाई-एनआरएलएम) के दिशानिर्देशों के अनुसार “ए” ग्रेड वाले डब्ल्यूएसएचजी का चयन किया जाएगा। इन ग्रेड ‘ए’ वाले डब्ल्यूएसएचजी का चयन राज्यों द्वारा मिर्च, कपास, धान, गेहूं, बागवानी और वृक्षारोपण आदि जैसी वाणिज्यिक फसलें उगाने वाले गांवों के समूहों में से किया जाएगा।
यह योजना कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (डीएएंडएफडब्ल्यू), ग्रामीण विकास विभाग (डीओआरडी) और उर्वरक विभाग (डीओएफ), महिला स्वयं सहायता समूहों और प्रमुख उर्वरक कंपनियों (एलएफसी) के संसाधनों और प्रयासों को एकीकृत करके समग्र हस्तक्षेप करेगा।
मध्यप्रदेश सहित देश के ऐसे उपयुक्त क्लस्टरों की पहचान की जाएगी जहां ड्रोन का उपयोग आर्थिक रूप से व्यवहार्य है और पहचाने गए क्लस्टरों में विभिन्न राज्यों में प्रगतिशील 15,000 महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन उपलब्ध कराने के लिए चुना जाएगा।
एमपीपोस्ट को मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री श्री मोदी 31 मई 2025 को भोपाल में लोकमाता देवी अहिल्या बाई के त्रि शताब्दी जयंती समारोह के अवसर पर आयोजित महिला सशक्तिकरण और स्वावलम्बन महासम्मेलन में ड्रोन दीदी, लखपति दीदी, कैफ़े दीदी, किसान उत्पादक संगठनों की संचालकों से संवाद भी करेंगे।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एमपीपोस्ट को बताया की उनका प्रयास रहेगा की मध्यप्रदेश के महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को यहाँ की संख्या के हिसाब से ज्यादा से ज्यादा ड्रोन मिलें। मध्यप्रदेश के कुछ (एसएचजी) की सदस्य महिलाओं ने उनसे से भेंट कर योजना के तहत जल्द से जल्द ड्रोन उपलब्ध कराने की बात कही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बीते 11 मार्च 2024 को नमो ड्रोन दीदी अभियान के तहत, मध्यप्रदेश के 89 महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को आधुनिक ड्रोन प्रदान किए थे । नवीन योजना के तहत मध्यप्रदेश को ज्यादा से ज्यादा ड्रोन मिले ऐसा प्रधानमंत्री जी से अनुरोध करेंगे।
एक जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश में इस समय महिलाओं के स्वयं सहायता समूह, पांच लाख 4 हजार (एसएचजी) लगभग 57 लाख सदस्यों के साथ कार्यरत हैं।
ड्रोन की खरीद के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन और सहायक उपकरण,सहायक शुल्क की लागत का 80% की दर से केंद्रीय वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जो अधिकतम आठ लाख रुपये तक होगी। स्वयं सहायता समूहों के क्लस्टर स्तरीय संघ (सीएलएफ) राष्ट्रीय कृषि अवसंरचना वित्तपोषण सुविधा (एआईएफ) के तहत ऋण के रूप में शेष राशि (खरीद की कुल लागत में से सब्सिडी घटाकर) जुटा सकते हैं। एआईएफ ऋण पर 3% की दर से ब्याज सहायता प्रदान की जाएगी।
महिला स्वयं सहायता समूहों की एक सदस्य जो अच्छी तरह से योग्य हो, जिसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो, उसे एसआरएलएम और एलएफसी द्वारा 15 दिवसीय प्रशिक्षण के लिए चुना जाएगा, जिसमें 5 दिवसीय अनिवार्य ड्रोन पायलट प्रशिक्षण और पोषक तत्व और कीटनाशक आवेदन के कृषि उद्देश्य के लिए अतिरिक्त 10 दिवसीय प्रशिक्षण शामिल है। एसएचजी के अन्य सदस्य,परिवार के सदस्य जो बिजली के सामान, फिटिंग और यांत्रिक कार्यों की मरम्मत करने में रुचि रखते हैं, उन्हें राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एसआरएलएम) और एलएफसी द्वारा चुना जाएगा, जिन्हें ड्रोन तकनीशियन, सहायक के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। ये प्रशिक्षण ड्रोन की आपूर्ति के साथ एक पैकेज के रूप में प्रदान किए जाएंगे।
इस योजना से किसानों के लाभ के लिए कृषि में उन्नत प्रौद्योगिकी को शामिल करने, बेहतर दक्षता, फसल की पैदावार बढ़ाने और परिचालन लागत को कम करने में मदद मिलेगी।
देश में कृषि अवसंरचना को बढ़ाने, सुदृढ़ करने और कृषक समुदाय को मदद देने के लिए के लिए 2020 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) योजना प्रारंभ की थी। इसके दायरे में एग्री टेक को शामिल करते हुए कृषि अवसंरचना निधि से कृषि क्षेत्र में ड्रोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो इस योजना के तहत बिना बैंक गारंटी के 02 करोड़ रुपये तक के ड्रोन क्रय करने के ऋण पर भारत सरकार द्वारा 03 फ़ीसदी का ब्याज उपादान प्रदान किया जा रहा है।
एआईएफ योजना के प्रारंभ होने के उपरांत केवल ड्रोन क्रय करने के लिए मध्यप्रदेश के 11 जिलों के 4 करोड़ 91 लाख 65 हज़ार रुपये के लोन विभिन्न बैंकों से स्वीकृत हुए हैं। जिन जिलों की निजी क्षेत्र की इकाई को ऋण मिला है। वे हैं बैतूल – भोपाल, धार, इंदौर, खरगोन, नर्मदापुरम , नरसिंहपुर ,रतलाम, सिवनी , उज्जैन और विदिशा ।
जिन निजी क्षेत्र की इकाई को राशि मिली उन्होंने आधुनिक ड्रोन क्रय कर कृषि विकास और उत्पादन की गतिशीलता व बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से, विशेष रूप से कटाई के बाद के चरण में, उपज का इष्टतम उपयोग हो, जिससे मूल्य संवर्धन और किसानों के लिए उचित सौदे के अवसर प्राप्त हों। इस दिशा में ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है ।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने एमपी पोस्ट को बताया की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार एआईएफ के लिए स्टेट प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट तैनात की है जो अपना काम कर रही है। हमने राज्य की “मध्यप्रदेश ड्रोन संवर्धन एवं उपयोग नीति-2025” भी बनाई है।
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने एमपीपोस्ट को बताया की ड्रोन दीदी एक कल्पना है। महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) ड्रोन दीदियों को ट्रेनिंग दी गई है वे बहुत अच्छा सक्सेस फुल काम कर रहीं हैं। बीच में एक समस्या आयी थी की ड्रोन उड़ाने वाली बैटरी का समय काफी कम था। इसलिए ड्रोन दीदी परेशान हो जाती थी की अब वे क्या करें। मोदी सरकार ने रास्ता निकाला की अब ड्रोन दीदियों को एक नहीं 05 – 05 बैटरियां दी जाएँगी जिससे एक डिस्चार्ज हो तो दूसरी का इस्तेमाल कर ड्रोन उड़ा सकें।
मध्यप्रदेश के लिए कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) योजना के अंतर्गत अस्थायी निधि आवंटन पिछले साल 7440 करोड़ रुपये किया गया था । लक्ष्य अचीव होने के कारण इस साल के लिए बजट बढ़ाते हुए 11940 करोड़ राशि का किया गया है।
फार्म-गेट और एग्रीगेशन पॉइंट (प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां, किसान उत्पादक संगठन, कृषि उद्यमी, निजी क्षेत्र की इकाई, स्टार्ट-अप आदि) पर कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए यह सुविधा प्रदान की जा रही है ।