Madhya Pradesh-मध्यप्रदेश में A I और डाटा सेंटर की इकाई के अलावा अन्य उद्योग स्थापित करने के लिए सिंगापुर और दुबई जैसा माहौल

CM MP-मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश डॉ मोहन यादव

 

 

मध्यप्रदेश में A I और डाटा सेंटर की इकाई के अलावा अन्य उद्योग स्थापित करने के लिए सिंगापुर और दुबई जैसा माहौल है। इस दौर में मुख्यमंत्री के जाने के फायदे के बारे में उन्होंने बताया की हमारी राज्य सरकार की जो पॉलिसी है की 100 करोड़ के निवेश पर एक सीमा तक सुविधा दी जा सकती है लेकिन यदि कोई निवेशक 500 करोड़ लगाना चाहता है तो उसको मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक सब कमेटी और ज्यादा छूट और लाभ सकती है। जैसे बिजली का उन्हें कनेक्शन लेना है लेकिन फैक्ट्री दो साल बाद बनकर काम करना चालू करेगी , तो निवेशक को हमने बताया की वे नॉमिनल य एवरेज बिल दो साल बाद देना प्रारंभ करें ऐसी सुविधा उन्हें हम नीति से हटकर देने के लिए एग्री हैं। यह बात मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश डॉ मोहन यादव ने आज भोपाल में स्टेट हेंगर पर मीडिया से संवाद के दौरान कही। मुख्यमंत्री से जब सवाल किया की आपका इस यात्रा में फोकस A I और डाटा सेंटर को लेकर रहा है। हाल ही में माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की महापरिषद की बैठक में भी A I के उपयोग पर भी जोर दिया था। दुबई और स्पेन की यात्रा के दौरान A I और डाटा सेंटर के निवेशकों को राज्य सरकार की नीति के अलावा क्या स्पेशल ऑफर दिया है के उत्तर में कही।
उन्होंने बताया की निवेशकों को पूंजीगत व्यय सब्सिडी, भूमि, वेतन सब्सिडी, अनुसंधान एवं विकास सहायता, बिजली, किराया सब्सिडी और बहुत कुछ सुविधाएँ हम देने के लिए तत्पर हैं। जिससे रोजगार अवसर सृजित हों

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज भोपाल में स्टेट हेंगर पर मीडिया से बातचीत करते हुए बताया की दुबई और स्पेन की दो महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय यात्राओं से लौटकर आप सभी के समक्ष अत्यंत संतोष और आत्मविश्वास की भावना के साथ उपस्थित हूँ।

एफ.डी.आई. के लाभ – सिर्फ निवेश नहीं, नवाचार भी
जब कोई विदेशी निवेशक हमारे राज्य में आता है, तो वो सिर्फ धन नहीं लाता –
वो तकनीक लाता है, वह नई सोच लाता है, वह विश्वस्तरीय मानक लाता है।
दुबई में Net-Zero AI Data Center, रक्षा निर्माण, हॉस्पिटैलिटी और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में प्रस्ताव आए।
स्पेन में ग्रीन डेटा सेंटर, ESG आधारित टेक्सटाइल, स्मार्ट सिटी तकनीक, शैक्षणिक साझेदारी पर सहमति बनी।
दुबई में एमिरेट्स, एतिसलात, लुलु ग्रुप, टाटा संस, अडानी जैसे समूहों ने साझेदारी की मंशा जताई।
स्पेन में Inditex, Populous, Roca Group, Submer जैसे संस्थानों ने टेक्सटाइल, डिज़ाइन और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग में रुचि दिखाई।

 

यात्रा से खुले- प्रदेश में वैश्विक निवेश के द्वार:-
Etisalat ने ग्वालियर में भारत का पहला टेलीकॉम पार्क में निवेश करने में रुचि दिखाई है; टीम प्रदेश का दौरा करेगी। डेटा सेंटर और डिलीवरी सेंटर में खास इंटरेस्ट
Fortune Group ने उज्जैन या अन्य प्रतिष्ठित धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल के पास 150 कमरों के होटल की स्थापना की इच्छा जताई है।
Taurani Group ने 100 करोड़ के निवेश से 80,000 वर्ग मीटर भूमि पर एल्यूमिनियम कास्टिंग यूनिट लगाने का प्रस्ताव दिया है।
दुबई के प्रमुख निवेशक श्री दिनेश ने ₹250 करोड़ की रक्षा निर्माण यूनिट लगाने का प्रस्ताव दिया
Covenant IT ने साइबर सुरक्षा केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है।
Al Ghurair Group ने कनोला क्रशिंग, सोया एवं अन्य कृषि उत्पाद आधारित प्रोसेसिंग में निवेश की इच्छा जताई है और व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रदेश भ्रमण का प्रस्ताव दिया है।
ग्रियू एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ एवं निदेशक श्री विनय ठडानी से नर्मदापुरम जिले में प्रस्तावित 3.0 गीगावॉट क्षमता की सोलर सेल परियोजना पर चर्चा हुई। जिससे 700 से अधिक रोजगार सृजन की संभावना है।
Sharaf Group ने ₹250–400 करोड़ के निवेश से रेल साइडिंग लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे 300–600 रोजगार सृजित होंगे।
Lulu Group ने मध्यप्रदेश में फलों, दालों, मसालों व अनाज के लिए आधुनिक प्रोसेसिंग हब, हाइपरमार्केट और रिटेल स्टोर्स, तथा कोल्ड चेन व लॉजिस्टिक्स नेटवर्क स्थापित करने की इच्छा जताई है।
दुबई में बीएनडब्ल्यू डेवलपर्स, कोनारेस मेटल, स्पैन कम्युनिकेशंस, रिलायंस डिफेन्स जैसी कंपनियों से ₹ 5701 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले।
स्पेन में Submer Technologies, Inditex, Roca, Mercabarna कंपनियों से डिजिटल, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन में 3800+ करोड़ के प्रस्ताव मिले।

यात्रा का निष्कर्ष

आनंद की बात है कि दुबई – स्पेन यात्रा के दौरान कुल 9501 करोड़ रूपये का निवेश के प्रस्ताव मिले। यह मध्यप्रदेश के लिए उत्साहवर्धक है।
दोनों देशों के भारतीय समुदाय, उद्योग पतियों, व्यापारिक समुदाय, दूतावास का भरपूर सहयोग मिला।

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