
लंदन । भारत-यूके संबंधों को नई दिशा देने में पिछले पांच दशकों में FISI UK का योगदान अद्वितीय रहा है। यह बात मनोज लाडवा संस्थापक एवं अध्यक्ष, इंडिया ग्लोबल फोरम ने अपने मुख्य भाषण में कही। उन्होंने बताया की आज दोनों देश व्यापार, उन्नत प्रौद्योगिकी और साझा मूल्यों के माध्यम से द्विपक्षीय संबंधों का एक नया अध्याय लिख रहे हैं। प्रवासी समुदाय अब केवल दो देशों के बीच का ‘सेतु’ (Bridge) नहीं बल्कि विकास का एक शक्तिशाली ‘इंजन’ बन चुका है।
उन्होंने FISI यूके की पांच दशकों की यात्रा और उसके योगदान को याद किया, साथ ही प्रवासी जुड़ाव को और मजबूत करने में संगठन की भविष्य की बदलती भूमिका का एक दूरदर्शी खाका भी प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम की शुरुआत FISI यूके के अध्यक्ष मधुरेश मिश्रा ने अपने स्वागत भाषण में संगठन की स्थापना की मूल भावना और भारत-यूके के बदलते संबंधों में इसकी निरंतर प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए। मधुरेश मिश्रा ने बताया की पिछले पचास वर्षों से FISI UK ब्रिटिश संसद, मीडिया और समुदाय के बीच भारत की एक शांत लेकिन बेहद दृढ़ आवाज़ बनकर खड़ा रहा है।
🇬🇧 From Arrival to Belonging — 50 Years of Making Britain Home 🇮🇳
Another powerful moment from the FISI UK Golden Jubilee stage at The Bhavans, West Kensington today.
Aman Bhogal reflected on a journey that the entire British Indian community knows deeply —
"The UK has come a… pic.twitter.com/FsmcjY6gjz— 🇬🇧FISIUK 🇮🇳(Friends of India Soc Intl UK) (@FISI_UK) June 28, 2026
ब्रिटेन के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित भारत समर्थक संगठन, ‘फ्रेंड्स ऑफ इंडिया सोसायटी इंटरनेशनल यूके’ (FISI UK) का 28 जून 2026 को लंदन के वेस्ट केंसिंग्टन स्थित ‘द भवन्स’ में स्वर्ण जयंती (Golden Jubilee) का ऐतिहासिक उत्सव बेहद भव्यता के साथ संपन्न हुआ ।
आयोजन में बताया गया की FISI UK की यह महत्वाकांक्षी और अग्रणी पहल यूके की धरती पर रहे, पढ़े और वहाँ के इतिहास को नया आकार देने वाले स्वामी विवेकानंद से लेकर विनायक दामोदर सावरकर जैसे महान भारतीयों के संघर्ष, जीवन और उनके योगदान को दस्तावेज़ीकृत व संरक्षित करने के लिए पूरी तरह समर्पित है। यह परियोजना एक विशेष ‘विरासत पत्रिका’ (Heritage Magazine), ब्रिटेन भर में निर्देशित ‘हेरिटेज टूर’ और ‘ब्लू प्लाक’ (Blue Plaque) अभियान के माध्यम से भारत की समृद्ध विरासत को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित करेगी।
कार्यक्रम में बताया गया की आपातकाल के दौर से शुरू हुआ 50 वर्षों का गौरवशाली सफर FISI UK की स्थापना वर्ष 1976 में भारत में लगे आपातकाल (Emergency) के तुरंत बाद हुई थी। इसकी शुरुआत उन ब्रिटिश भारतीय कार्यकर्ताओं के एक छोटे लेकिन दृढ़ संकल्पित समूह से हुई थी, जिनका मानना था कि प्रवासी समुदाय को विश्व मंच पर भारत के पक्ष में बोलने का पूरा अधिकार और दायित्व दोनों है। उस दौर में जब ब्रिटिश संसद (Westminster) में भारत की राजनीतिक आवाज़ लगभग मौन थी, तब इस संगठन ने मजबूत संबंध बनाने, वैश्विक जागरूकता बढ़ाने और भारत को गलत तरीके से प्रस्तुत करने वाले भ्रामक आख्यानों (नैरेटिव्स) का मुकाबला करने का बीड़ा उठाया। पिछले पांच दशकों में सत्य, निष्ठा और एकजुटता के मूल्यों पर चलते हुए FISI UK ने लगातार ब्रिटिश सरकारों से संवाद स्थापित किया है, भारतीय प्रवासियों के अधिकारों की रक्षा की है और भ्रामक सूचना अभियानों के विरुद्ध डटकर खड़ा रहा है। 1970-80 के शुरुआती आंदोलनों से लेकर पाकिस्तान से भागकर आने वाले पीड़ित हिंदू अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हाल ही में आयोजित ऐतिहासिक संसदीय कार्यक्रमों तक, यह संगठन प्रवासी कूटनीतिक मोर्चे पर हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहा है।
गौरतलब है की पिछले पांच दशकों में, FISI यूके ने लोकतांत्रिक मूल्यों का समर्थन किया है, भारत-यूके संबंधों को मजबूत किया है और ब्रिटिश-भारतीय समुदाय के लिए एक सकारात्मक व रचनात्मक आवाज प्रदान की है। इस स्वर्ण जयंती समारोह ने जहां एक तरफ इस गौरवशाली विरासत को प्रदर्शित किया, वहीं दूसरी तरफ संगठन के अगले अध्याय की रूपरेखा भी तैयार की।
समारोह में हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य लॉर्ड रामी रेंजर, लॉर्ड उदय नागराजू ,डिप्टी हाई कमिश्नर ऑफ़ इंडिया लंदन, यूनाइटेड किंगडम,कार्तिक पांडे ने भी अपने विचार साझा किये।
इस अवसर पर FISI यूके की ‘गोल्डन जुबली पत्रिका’ का विमोचन, प्रवासी समुदाय की आवाज पर एक रणनीतिक पैनल चर्चा के साथ ब्रिटेन में भारतीय अग्रदूतों (trailblazers) की विरासत को सहेजने वाली एक नई पहल ‘स्मृति’ (SMRITI) का अनावरण भी हुआ।
समारोह के दौरान संगठन को आधी सदी तक सींचने वाले इसके वरिष्ठ पूर्व पदाधिकारियों धीरज शाह, हसमुख शाह, भरत शाह, राजनीकांत मिस्त्री, जयू शाह और मयूर शाह को सम्मानित किया गया।
समारोह का समापन ‘गोल्डन जुबली अवार्ड्स’ के साथ हुआ, जिसमें युवा नेतृत्व, सामुदायिक सेवा, सांस्कृतिक राजदूत, ‘फ्रेंड ऑफ इंडिया’ और लाइफटाइम अचीवमेंट (लाइफ टाइम कंट्रीब्यूशन) के क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित किया गया।
‘फ्रेंड्स ऑफ इंडिया सोसाइटी इंटरनेशनल यूके’ (FISI UK) ने अपनी स्वर्ण जयंती (Golden Jubilee) मनाई, जो भारत और ब्रिटिश-भारतीय प्रवासियों (डायस्पोरा) के लिए संगठन के 50 वर्षों के योगदान को रेखांकित करती है।
इस अवसर पर हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य लॉर्ड रामी रेंजर, लॉर्ड उदय नागराजू , सांसद नवेंदु मिश्रा, डिप्टी हाई कमिश्नर ऑफ़ इंडिया लंदन, यूनाइटेड किंगडम,कार्तिक पांडे, पूर्व सांसद वीरेंद्र शर्मा, द भवन्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. एम. एन. नंदकुमार, ‘फ्रेंड्स ऑफ इंडिया सोसायटी इंटरनेशनल यूके’ (FISI UK) के राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक विनय पुजारी, लंदन के काउंसलर, मनोज मिश्रा, आर्यन, फ्रेंड्स ऑफ़ एमपी के फाउंडर रोहित दीक्षित, एग्जीक्यूटिव बॉडी मेंबर ग्लोबल अलुमनी एसोसिएशन ऑफ़ मैनिट भोपाल, फ्रेंड्स ऑफ़ एमपी के वॉलन्टियर,सौरभ जैन, भारत से आये वरिष्ठ पत्रकार, सरमन नगेले समेत कई पूर्व मेयर, कॉउन्सलर, नीति विशेषज्ञ, इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स एसोसिएशन -इंसा-यूके डायरेक्टर और अनेक संगठनों के पधादिकारी गण, वरिष्ठ नेतागण मौजूद थे।
‘फ्रेंड्स ऑफ इंडिया सोसायटी इंटरनेशनल यूके’ (FISI UK) जनरल सेक्रेटरी राहुल सुब्रमण्यन आयोजन में शामिल हुए लोगों का धन्यवाद व्यक्त किया।