AI का लोकतंत्रीकरण मध्यप्रदेश सरकार की पहल

मुख्यमंत्री, डॉ मोहन यादव 15 जनवरी को भोपाल में होने जा रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में सरकार का विज़न साझा करेंगे

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AI का लोकतंत्रीकरण मध्यप्रदेश सरकार की पहल
मुख्यमंत्री, डॉ मोहन यादव 15 जनवरी को भोपाल में होने जा रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में सरकार का विज़न साझा करेंगे

एमपीपोस्ट, भोपाल : रविवार, जनवरी 11, 2026 । क्षेत्रीय Artificial intelligence (AI) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रभाव सम्मेलन का मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 15 जनवरी 2026 को आयोजन हो रहा है। जिसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेतृत्व, नीति निर्माताओं, उद्योगपतियों, स्टार्टअप्स और शिक्षाविदों को एक मंच उपलब्‍ध कराना है ताकि शासन, बुनियादी ढ़ांचे, नवाचार और कार्यबल विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की परिवर्तनकारी भूमिका पर विचार-विमर्श कर सके।

एमपीपोस्ट को मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश शासन, डॉ मोहन यादव के मुख्यातिथ्य में 15 जनवरी को भोपाल में होने जा रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में सीएम AI के संबंध में अपनी सरकार का विज़न साझा करेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का AI को लेकर जो दृष्टिकोण और मिशन है उसको विस्तार और गति देने का काम मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री इस समिट के जरिये करेंगे। मुख्यमंत्री, डॉ मोहन यादव का कहना है की मध्यप्रदेश, डिजिटल इनोवेशन, डेटा-ड्रिवन गवर्नेंस और अप्लाइड AI के हब के तौर पर तेज़ी से उभर रहा है। मज़बूत इंस्टीट्यूशनल इंफ्रास्ट्रक्चर, आगे की सोच वाली पॉलिसी और सरकार, एकेडेमिया और इंडस्ट्री के बीच बढ़ते सहयोग के साथ, यह राज्य हेल्थ केयर, एग्रीकल्चर, पब्लिक सेफ्टी और नागरिक सेवाओं जैसे सेक्टर्स में नई टेक्नोलॉजी को अपनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

इस रीजनल AI इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस में सरकारी नेतृत्व, शिक्षाविद, इनोवेटर और इंडस्ट्री के लोग एक साथ आएंगे ताकि AI-आधारित पहलों को दिखाया जा सके और जिम्मेदार AI अपनाने के भविष्य को आकार देने वाली उभरती पॉलिसी प्राथमिकताओं पर विषयगत विचार विमर्श करेंगे।
यह आयोजन गवर्नेंस और पब्लिक सर्विस डिलीवरी के लिए जिम्मेदार, स्केलेबल और प्रभावशाली AI समाधानों को अपनाने के प्रति मध्य प्रदेश की प्रतिबद्धता को उजागर करेगा ।

 

 

राज्य के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन इस समिट में विशेष रूप से शामिल होंगे और नागरिक सेवाओं में नई टेक्नोलॉजी को अपनाने को लेकर अपने विचार साझा करेंगे ।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार और इंडिया एआई मिशन वरिष्ठ अधिकारी, मध्यप्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारी और विषय विशेषज्ञ इस अवसर पर अपने – अपने विचार रखेंगे।

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 15-20 फरवरी, 2026 को होने वाले कृत्रिम मेधा (एआई) के प्रभाव पर केंद्रित वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इसमें कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों एवं शासनाध्यक्षों और दुनिया की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी हिस्सा लेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मिशन है की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का लोकतंत्रीकरण सुनिश्चित करना और एआई के क्षेत्र में उभर रहे अंतर को खत्म करना है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय में एक प्रमुख चिंता यह है कि एआई कुछ सीमित भौगोलिक क्षेत्रों में केंद्रित हो सकता है और कुछ ही कंपनियों द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है। इस समस्या से निपटने के लिए, एआई को एक व्यापक, समतावादी तकनीक के रूप में उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जो समग्र रूप से मानवता के विकास में सहायक हो। विश्व भर के देशों को एआई के सभी अहम तत्वों, जैसे कंप्यूटिंग, मॉडल और डेटा तक पहुंच सुनिश्चित होनी चाहिए। व्यापक पहुंच से उन देशों, समाजों और समुदायों के अनुरूप एआई समाधानों का विकास मुमकिन हो पाएगा। ऐसे संदर्भ-विशिष्ट समाधानों को फिर अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों में लागू किया जा सकता है, जिनमें स्वास्थ्य सेवा, कृषि, शासन, शिक्षा, विनिर्माण और अन्य शामिल हैं, जिससे उत्पादकता और दक्षता में वृद्धि व्यापक स्तर पर हो सकेगी।

भोपाल में होने जा रहा यह आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार व इंडिया एआई मिशन और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा किया जा रहा है।यह सम्मेलन 15-20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इंडिया एआई प्रभाव सम्‍मेलन का पूर्वाभ्यास है।

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