Simhastha 2028 -सिंहस्थ 2028 का वैश्विक शंखनाद: ब्रिटिश सांसदों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और नेताओं ने भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार से की बड़ी अपील, सिंहस्थ में एनआरआई (NRI) समुदाय के लिए ‘सिंगल-पॉइंट हेल्प डेस्क’, विशेष कनेक्टिविटी, ‘शाही स्नान घाट’ बनाने की मांग उठाई
लंदन, यूनाइटेड किंगडम में भारत के उप उच्चायुक्त कार्तिक पांडे ने दिया उचित कार्रवाई का आश्वासन

“मध्यप्रदेश की नई उड़ान – फ्रेंड्स ऑफ एमपी के साथ”
वरिष्ठ पत्रकार सरमन नगेले की एक विशेष ग्राउंड-ज़ीरो रिपोर्ट की पहली क़िस्त
सिंहस्थ 2028 का वैश्विक शंखनाद: ब्रिटिश सांसदों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और नेताओं ने भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार से की बड़ी अपील, सिंहस्थ में एनआरआई (NRI) समुदाय के लिए ‘सिंगल-पॉइंट हेल्प डेस्क’, विशेष कनेक्टिविटी, ‘शाही स्नान घाट’ बनाने की मांग उठाई
लंदन, यूनाइटेड किंगडम में भारत के उप उच्चायुक्त कार्तिक पांडे ने दिया उचित कार्रवाई का आश्वासन
सरमन नगेले, लंदन
सिंहस्थ 2028 का वैश्विक शंखनाद: ब्रिटिश सांसदों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और नेताओं ने भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार से की बड़ी अपील, सिंहस्थ में एनआरआई (NRI) समुदाय के लिए 'सिंगल-पॉइंट हेल्प डेस्क', विशेष कनेक्टिविटी, 'शाही स्नान घाट' बनाने की मांग उठाई.https://t.co/v1gaDk6wrJ pic.twitter.com/jWYeTfxLGQ
— MPPOST (@mppost1) July 8, 2026
भारत के हृदय स्थल मध्यप्रदेश के उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले आगामी सिंहस्थ महाकुंभ को लेकर प्रवासी भारतीय (NRI) समुदाय ने भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार के समक्ष कुछ सुझाव और अनुरोध किये हैं। भारत से इन दिनों लंदन प्रवास पर आए वरिष्ठ पत्रकार, ‘एमपीपोस्ट’ (MPPOST) के संस्थापक संपादक और अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र ‘द पायोनियर’ (The Pioneer) के कंसल्टिंग एडिटर सरमन नगेले के साथ एक विशेष बातचीत में वैश्विक नेताओं के एक प्रभावशाली समूह ने यह सामूहिक अपील की है।
इस प्रमुख समूह में शामिल थे: ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य लॉर्ड रामी रेंजर और लॉर्ड उदय नागराजू; यूके के सांसद नवेंदु मिश्रा; यूके के पूर्व सांसद वीरेंद्र शर्मा; ‘फ्रेंड्स ऑफ एमपी’ के मुख्य संरक्षक व संस्थापक और लंदन के पूर्व डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल; ‘फ्रेंड्स ऑफ एमपी’ के संस्थापक रोहित दीक्षित; ‘फ्रेंड्स ऑफ इंडिया सोसाइटी इंटरनेशनल यूके’ (FISI UK) के मधुरेश मिश्रा (अध्यक्ष), राहुल सुब्रमण्यन (महासचिव) और विनय पुजारी (राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक); मनोज मिश्रा (लंदन काउंसलर); काउंसलर आर्यन ए. (लंदन के पूर्व डिप्टी मेयर); श्रीमती अंजना पटेल (लंदन की पूर्व मेयर); अश्वनी श्रीवास्तव (महासचिव – उत्तर प्रदेश कम्युनिटी एसोसिएशन, UPCA UK) और दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड में ‘भारतीय इन यूके’ (BIUK) के संस्थापक और अध्यक्ष।
इसके साथ ही, मैनिट (MANIT), भोपाल के ग्लोबल एलुमनी एसोसिएशन (GMAA) के कार्यकारी निकाय सदस्य और एफओएमपी (FoMP) के स्वयंसेवक सौरभ जैन; विवेकानंद ह्यूमन सेंटर लंदन के निदेशक राम चंद्र साहा; सेंट जेडब्ल्यूसी के अध्यक्ष तरुण गुलाटी; आईडीयूके (IDUK) के सह-संस्थापक हिरदेश गुप्ता; प्रवीन जी. पटेल के साथ-साथ विभिन्न काउंसलर, नीति विशेषज्ञ, इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (INSA-UK) के निदेशक, सामाजिक कार्यकर्ता, श्रद्धालु, वरिष्ठ नेता और भारत व दुनिया भर के विचारक भी इस चर्चा में शामिल रहे।
वैश्विक प्रवासी समुदाय की विशेष उम्मीदें:
उज्जैन सिंहस्थ महाकुंभ 2028 को लेकर विभिन्न देशों में ‘फ्रेंड्स ऑफ एमपी’ से जुड़े प्रवासियों और श्रद्धालुओं के बीच भारी उत्साह है। अपनी आध्यात्मिक यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रवासी भारतीय समुदाय ने केंद्र और राज्य सरकारों के सामने कुछ उम्मीदें रखी हैं। उन्होंने कहा कि एनआरआई समुदाय के लिए ‘सिंगल-पॉइंट हेल्प डेस्क’, विशेष हवाई- यातायात कनेक्टिविटी और एक समर्पित ‘शाही स्नान घाट’ जैसी व्यवस्थाएं स्थापित की जाती हैं, तो बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र नगरी उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ में निश्चित रूप से शामिल होंगे। ऐसी सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं से युवा पीढ़ी को आस्था के इस महापर्व से जुड़ने का अवसर मिलेगा, वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटकों के लिए भगवान महाकाल के निर्बाध दर्शन सुनिश्चित होंगे और पूरी दुनिया में समावेशिता (इनक्लूसिविटी) का एक गहरा संदेश जाएगा।
वैश्विक भारतीय नेटवर्क का उपयोग:
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अपने सुझाव देते हुए ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य लॉर्ड रामी रेंजर ने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया भर में लगभग 4 करोड़ (40 मिलियन) प्रवासी भारतीय बसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रवासी समुदाय को भारत की सनातन परंपराओं और सिंहस्थ महाकुंभ के ऐतिहासिक महत्व के बारे में सक्रिय रूप से जागरूक किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि दुनिया भर में स्थित भारतीय उच्चायोगों को इस आगामी महापर्व को समर्पित नोटिस प्रदर्शित करने चाहिए और आधिकारिक सूचना पुस्तिकाएं (इन्फॉर्मेशन पैक्स) उपलब्ध करानी चाहिए।
आधिकारिक राजनयिक प्रतिक्रिया:
जब प्रवासी भारतीय समुदाय की इन प्रमुख मांगों के संबंध में लंदन में भारत के उप उच्चायुक्त कार्तिक पांडे के सवाल किये तो उन्होंने पिछले उदाहरणों का हवाला देते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत के विदेश मंत्रालय ने प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान कुछ सुविधाएं प्रदान की थीं। इन विचारों को बेहद रचनात्मक बताते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे ही भारतीय उच्चायोग को इस संबंध में एक औपचारिक ज्ञापन (मेमोरेंडम) प्राप्त होगा, वे इसे आगे बढ़ाने के लिए निश्चित रूप से उचित कार्रवाई करेंगे।
‘फ्रेंड्स ऑफ एमपी यूके चैप्टर’ और ‘फिसी यूके’ (FISI UK) की सिंहस्थ महाकुंभ को लेकर कई योजनाएं हैं, जिनमें यूके और लंदन के श्रद्धालुओं के बीच इस विशाल आध्यात्मिक समागम के प्रति जागरूकता बढ़ाना शामिल है। एफओएमपी (FoMP) यूके ने लंदन में भारतीय उच्चायोग, उसके मिशनों और मध्यप्रदेश सरकार के साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव रखा है, ताकि विदेशी श्रद्धालुओं के लिए एक विश्वसनीय ‘प्रथम संपर्क केंद्र’ (फर्स्ट पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट) के रूप में कार्य किया जा सके।
विदेशों में बसे मध्यप्रदेश के लाखों प्रवासी भारतीय, सिंहस्थ महाकुंभ के माध्यम से मध्यप्रदेश को एक विशिष्ट अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने, इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाने और राज्य के समग्र विकास को गति देने के लिए बेहद उत्सुक हैं।


