PM-Modi-प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राजनीति को सत्ता का माध्यम नहीं, राष्ट्र सेवा का सर्वोच्च साधन बनाया· राजेन्द्र शुक्ल

भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में कुछ क्षण ऐसे हैं जो केवल राजनीतिक उपलब्धि नहीं होते, बल्कि राष्ट्र की सामूहिक आकांक्षाओं और विश्वास का प्रतीक बन जाते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के देश की जनता के निरंतर विश्वास के साथ ऐतिहासिक जनादेश प्राप्त कर दीर्घकाल तक राष्ट्र का नेतृत्व करने का अवसर प्राप्त करना गौरवपूर्ण क्षण है। यह केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण के संकल्प, सेवा और सुशासन की विजय है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राजनीति को सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का सर्वोच्च साधन बनाया। उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी एक नई पहचान स्थापित की है। आज विश्व भारत को केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि एक निर्णायक शक्ति, विश्वसनीय साझेदार और भविष्य के नेतृत्वकर्ता के रूप में देखता है। अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली हुई है और यह परिवर्तन प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शी सोच तथा निर्णायक नेतृत्व का परिणाम है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में स्थापित होना केवल राजनीतिक उपलब्धि नहीं, यह भारत की जनता के अटूट विश्वास और स्नेह का प्रतीक है। निरंतर जनसमर्थन किसी पद या प्रचार से नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, पारदर्शिता, निर्णायक नेतृत्व और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की कार्य शैली से अर्जित होता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्वयं को सदैव “प्रधान सेवक” के रूप में प्रस्तुत किया और गरीब, किसान, महिला, युवा तथा समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सतत प्रयास किया। यही कारण है कि देश की जनता ने बार-बार उन पर अपना विश्वास व्यक्त किया। उनका सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, अथक कार्यशक्ति, दूरदर्शी सोच और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का स्पष्ट संकल्प करोड़ों भारतीयों को प्रेरित करता है तथा उन्हें जन-जन का प्रिय नेता बनाता है।
प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने आत्मनिर्भरता, डिजिटल क्रांति, आधारभूत संरचना, रक्षा क्षमता, अंतरिक्ष विज्ञान और आर्थिक सुधारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। जनधन, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, हर घर जल, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम किसान सम्मान निधि और डिजिटल इंडिया जैसे अनेक कार्यक्रमों से करोड़ों नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। शासन की योजनाएँ पहली बार अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पारदर्शी ढंग से पहुँची हैं।
भारतीय संस्कृति और आस्था के पुनर्जागरण का यह कालखंड इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में रहेगा अंकित
भारतीय संस्कृति और आस्था के पुनर्जागरण का भी यह कालखंड इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा। अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा करोड़ों भारतीयों की सदियों पुरानी आस्था की पूर्ति का क्षण था। यह केवल मंदिर निर्माण नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और आत्म गौरव का पुनर्स्थापन था। जम्मू-कश्मीर से संबंधित ऐतिहासिक निर्णयों ने राष्ट्रीय एकीकरण को नई मजबूती प्रदान की। विकास और लोकतंत्र की मुख्यधारा से जुड़ते हुए जम्मू-कश्मीर आज नए अवसरों की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री जी ने यह सिद्ध किया कि दृढ़ इच्छा शक्ति और स्पष्ट नीति के साथ कठिन से कठिन निर्णय भी राष्ट्रहित में लिए जा सकते हैं।
मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री श्री मोदी का विशेष स्नेह और मार्गदर्शन का निरंतर लाभ प्राप्त हुआ है
मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री श्री मोदी के विशेष स्नेह और मार्गदर्शन का लाभ निरंतर प्राप्त करता रहा है। प्रदेश में सड़क, रेल, सिंचाई, ऊर्जा, शहरी विकास और स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व निवेश एवं परियोजनाओं ने विकास को नई गति दी है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से गरीब, किसान, महिला और युवाओं के जीवन में बदलाव लाने वाली अनेक योजनाओं का प्रभाव प्रदेश के प्रत्येक जिले तक पहुँचा है। विंध्य क्षेत्र और विशेष रूप से मेरा गृह क्षेत्र रीवा भी इस परिवर्तनकारी यात्रा का साक्षी बना है। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर पावर प्रोजेक्ट ने न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई। यह परियोजना प्रधानमंत्री जी के उस विजन का प्रतीक है जिसमें विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चलते हैं। आज रीवा देश के ऊर्जा मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है और विंध्य की पहचान नई संभावनाओं से जुड़ चुकी है। विंध्य क्षेत्र में सड़क संपर्क, रेल सुविधाओं, शिक्षा संस्थानों और आधारभूत संरचना के विस्तार ने विकास के नए द्वार खोले हैं। यह क्षेत्र अब पिछड़ेपन की पहचान से आगे बढ़कर प्रगति और संभावनाओं के केंद्र के रूप में उभर रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन और केंद्र सरकार का सतत सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री के रूप में मुझे यह अनुभव करने का अवसर मिला है कि प्रधानमंत्री जी की सोच केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ भारत के व्यापक निर्माण की है। आयुष्मान भारत जैसी ऐतिहासिक योजना ने गरीब परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। मेडिकल कॉलेजों के विस्तार, स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं ने मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दी है। प्रदेश सरकार भी प्रधानमंत्री जी के इसी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का नेतृत्व हमें यह विश्वास देता है कि विकसित भारत का संकल्प केवल एक सपना नहीं, बल्कि एक साकार होती राष्ट्रीय यात्रा है। उनके नेतृत्व में भारत ने आत्मविश्वास, सांस्कृतिक गौरव और विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। आज प्रत्येक भारतीय गर्व के साथ कह सकता है कि उसका देश विश्व पटल पर नई ऊँचाइयों को छू रहा है। व्यक्तिगत रूप से मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे ऐसे युग निर्माता नेतृत्व के साथ कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ है।
भारतीय चिंतन में आदर्श नेतृत्व का आधार सदैव लोक कल्याण और राष्ट्रहित रहा है।
“प्रजासुखे सुखं राज्ञः प्रजानां च हिते हितम्।
नात्मप्रियं हितं राज्ञः प्रजानां तु प्रियं हितम्॥”
शासक का सुख प्रजा के सुख में और उसका हित प्रजा के हित में निहित होता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जनसेवा, सुशासन और राष्ट्र प्रथम की यही भावना निरंतर परिलक्षित होती है। मध्यप्रदेश और विंध्य की जनता की ओर से मैं उनके प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ तथा ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि वे उन्हें उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्र सेवा की अक्षुण्ण ऊर्जा प्रदान करें, ताकि उनके नेतृत्व में भारत विकसित, आत्मनिर्भर और विश्वगुरु बनने की दिशा में निरंतर अग्रसर रहे। (लेखक मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री हैं)



